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आ रही है यूनिवर्सल कर्जमाफी योजना, छोटे किसानों, कारीगरों, माइक्रो एंटरप्राइजेज को होगा फायदा

भारत में छोटी कंपनियों, छोटे किसानों और कारीगरों की कर्जमाफी योजना पर काम शुरू हो गया है. इसे लागू करने के लिए अगली सरकार के सामने पेश किया जाएगा. इस कर्जमाफी योजना का फायदा छोटे किसानों, कारीगरों, माइक्रो एंटरप्राइजेज को मिलेगा.

इकनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक एक तय आय और संपत्ति सीमा से नीचे के लोग इस कर्जमाफी के लिए पात्र होंगे. इसमें 60,000 या उससे कम वार्षिक आय वाले लोग, 35,000 या उससे कम के बकाया कर्ज वाले लोग और 20,000 रुपये या उससे कम आय वाले लोग इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं.

कंपनी मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि फिलहाल दिवाला कानून में छोटे कर्जदारों के लिए अलग नियम नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून के पर्सनल इनसॉल्वेंसी चैप्टर को भी बदलने की ज़रूरत है.

श्रीनिवास ने बताया कि इसलिए अगली सरकार के सामने इसे लागू करने के लिए पेश किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कर्जमाफी आवेदन को देखने और उन पर फैसला करने के लिए एक अलग टीम बनाई जा सकती है.

श्रीनिवास ने ये भी कहा, अगर कोई इस योजना का फायदा नहीं लेना चाहता तो उसे इसकी आजादी दी जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि कर्जमाफी से जुड़े शख्स की साख पर बट्टा लगेगा और भविष्य में उसे कर्ज मिलने में परेशानी भी हो सकती है. इसलिए हम इस विकल्प को अपनी योजना में रखेंगे.

श्रीनिवास ने बताया कि इस स्कीम पर 20,000 करोड़ से तक की लागत आएगी, जबकि इससे लाखों-करोड़ों लोगों को फायदा मिलेगा.

रिपोर्ट के मुताबिक इनसॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड (IBC) यानी दिवाला कानून में जिन बदलावों पर विचार किया जा रहा है, उनमें से यह एक अहम पहलू होगा.

श्रीनिवास ने बताया कि कई ऐसे कर्जदार हैं, जो गरीब हैं. उनके लिए मौजूदा कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रॉसेस बहुत सख्त है. इस कानून के दायरे में करोड़ों लोग आ रहे हैं और कोई भी व्यवस्था इतनी बड़ी संख्या में केस का निपटारा नहीं कर सकती. कंपनी मामलों के मंत्रालय को भरोसा है कि वह इस योजना को तीन महीने में तैयार कर लेगा.( इनपुट :इकनॉमिक टाइम्स)