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केंद्र सरकार पूर्ण बजट आगामी 5 जुलाई को पेश करेगी

केंद्र सरकार पूर्ण बजट आगामी 5 जुलाई को पेश करेगी. बता दे वित्त मंत्रालय की ओर से इसे लेकर तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट को लेकर लगातार बैठकें कर रही हैं. सूत्रो की माने तो इस बार इनकम टैक्स में फिर से कुछ रियायतें मिल सकती हैं. सीआईआई और फिक्की ने बजट के लिए पहले ही अपने सुझावों पर डिटेल प्रेजेंटेशन दे दिया है.

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर एंड लीडर (निजी कर) कुलदीप कुमार ने पीटीआइ से बातचीत में कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक परिस्थिति से अप्रभावित नहीं रह सकता है और घरेलू स्तर पर भी चुनौतियां हैं. ऐसे में आम आदमी को बजट से काफी उम्मीदें हैं.

फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में बिना किसी बदलाव के 5 लाख रुपये तक की आय वालों को पूरी कर छूट बढ़ा दी थी. इस कदम से निम्न आय वर्ग को फायदा हुआ जिससे 5 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को कोई कर नहीं देना पड़ता है.

कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार आधारभूत छूट की सीमा अभी के ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर सकती है. इसके अलावा पांच फीसद कर श्रेणी की सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये से साढ़े सात लाख रुपये कर सकती है.

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि करदाता को अपना घर खरीदने के लिए और हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए हाउसिंग लोन के ब्याज में कटौती को वर्तमान के 2 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है.

कानून कंपनी लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन में पार्टनर एस वासुदेवन ने पीटीआइ से बातचीत में कहा कि आयकर अधिनियम में कुछ प्रावधानों पर पुन: गौर किया जाना चाहिये. उदाहरण के लिये कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर में छूट दी जानी चाहिये. (Source : Dainik Jagran)