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चुनावी भोपू : DIGITAL दिहाड़ी

चेंज नही है मैडम, वो सब मुझे नही पता मैं टॉफी नही लुंगी आवाज़ इतनी जोर थी कि सबके साथ मेरा भी  ध्यान काउंटर पर गया , मुझे तो मेरे छुट्टे ही चाहिये! शायद उसके घर पर कोई बच्चा नही होगा तभी इतनी झिक-झिक वरना चेंज के बदले टॉफी लेना तो आम बात है, मिडिल क्लास पीपल! झुँझलाते हुए मैनेजर ने अपने जेब से 1 का सिक्का निकाल कर थमा दिया.  अनावश्यक, मेरी सहेली की शॉपिंग अभी बाकी थी तो मुझे कुछ और देर कॉउंटरर के पास ही इंतेज़ार करना था तब तक फिर एक महिला को मैनेजर ने चेंज न होने की बात कही मुझे लगा शायद फिर वही दृश्य देखने को मिले पर ये क्या “keep the change” कह कर महिला ने काउंटर छोड़ दिया और मैनेजर ने भी बड़े प्यार से थैंक्यू मैडम कह कर उसे विदा किया. उसकी ख़ुशी देख कर यूँ लग रहा था मानो यूँ ही छूटे पैसे बचा कर उसने ये इतना बड़ा शो रूम खोला है. आज मुझे अपने paytym यूज़ करने पर वाकई गर्व हो रहा था आखिर मैं इस चेंज के झमेले से बच गयी.

लेकिन फिर भी पर्स चेक कर लूं, घर तो ऑटो से जाना था .चलो भगवान की कृपा से चेंज तो था. हम ऑटो लेकर कुछ ही दूर पहुचे थे कि ऑटो के दूसरे कोने पर बैठी महिला अपने स्टैंड पर उतरी और 100 रुपये का नोट निकल कर ऑटो वाले को थमा दिया. उस बूढ़े ऑटो वाले ने खासते हुए उत्तर दिया मैडम चेंज नही है.

तुम लोगों का ये हमेशा का ही रहता है, सब हमसें पैसे ऐठने की चाल रहती है , आवाज़ और शक्ल दोनो ही पहचानी सी लगी मैंने झाक कर देखा तो ये वही महिला थी जिसने मार्ट में बड़े आराम से कीप द चेंज कह कर काउंटर छोड़ा था, महिला ने फिर चिल्लाते हुए कहा अपना paytym  नंबर बताओ मैं paytym कर देती हूं. बूढ़े ने फिर कापते हुए स्वर में कहा मैडम वो क्या होता है? अरे तुम्हे Paytym नही पता अब तो डिजिटल इंडिया का जमाना है सब कुछ ऑनलाइन होता है पैसा सीधे तुम्हारे बैंक एकाउंट में बूढा शांत था तभी महिला ने फिर पूछा तुम्हारा बैंक एकाउंट तो होगा ही अब तो सबका बैंक एकाउंट है. हाँ मैडम किसी योजना के तहत एकाउंट तो खोला था पर इतने पैसे ही नही की उसमे रख सकु दिन भर ऑटो चला कर जो दिहाड़ी आती है वो तो परिवार का एक वक्त का खाना होता है और कुछ बचता ही नही की बैंक में रखु.

उफ्फ! तुम लोग ज़िन्दगी भर अनपढ़ ही रहोगे मुझे नही पता मुझे तो मेरे पैसे वापस चाहिये. सरकार तुम लोगो के लिए कुछ भी करे तुम लोग ज़िन्दगी भर यूँ ही रहना. बूढ़े ने आश्चर्य चकित भाव से फिर महिला की और देखा और धीमी स्वर में बोला हमारे लिए क्या मैडम ? आप लोगों के लिए!!  खैर मुझे मेरे बैग में पड़े छुट्टे पैसो का ध्यान आया मैंने तुरंत निकल कर बूढ़े को दिया. काका ने मेरे पैसे काट कर उसके छूटे पैसे वापस कर दिए जो खुशी मुझे उस वक़्त Paytym यूज़ करने की हो रही थी मै वही मुस्कान उस बूढ़े के चेहरे पर देखा.

स्वाति तिवारी

  संपादक