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पारा शिक्षकों ने दिया 30 जून तक का अल्टीमेटम

पारा शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के साथ 17 जनवरी को बनी सहमति को लागू करने के लिए 30 जून तक का अल्टीमेटम दिया है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि इस तिथि तक समझौते के बिंदुओं का अनुपालन नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेंगे.

एक जुलाई से ज्ञानसेतु कार्यक्रम, बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा सभी गैर शैक्षणिक कार्यों का विरोध किया जाएगा. बैठक में कहा गया कि नियमावली गठित करने को लेकर अधिकारियों का विभिन्न राज्यों के भ्रमण के नाम पर सिर्फ नौटंकी हो रही है.  इस संबंध में जानकारी देते हुए मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुमित तिवारी ने बताया कि मोर्चा की बैठक में निर्णय लिया गया कि  मई 2019 तक का बकाया मानदेय (फरवरी, मार्च 2019 का मानदेय) एवं माह जून 2019 से नियमित मानदेय भुगतान हेतु पारा शिक्षक राज्य सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखेंगे. 17 जनवरी को सरकार एवं मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुए सभी समझौते को लागू कराने हेतु मोर्चा के नेता अगले सप्ताह मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे.

यह भी निर्णय लिया गया कि 16 जून को सभी जिलों के पारा शिक्षकों की बैठक जिला मुख्यालय में आयोजित की जाएगी एवं तीन नेतृत्वकर्ता का चयन सर्वसम्मति के आधार पर किया जाएगा. बता दें कि पारा शिक्षकों की मांगों पर विचार करने के लिए शिक्षा मंत्री नीरा यादव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है. कमेटी ने पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए गठित होनेवाली नियमावली को लेकर कई अन्य राज्यों में भी टीम भेजने का निर्णय लिया है. साथ ही पारा कल्याण कोष गठित करने पर सहमति बनी थी जिसका बायलॉज तैयार कर लिया गया है.