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बालाकोट का खौफ या FATF का खतरा?

भारत के द्वारा बालाकोट में की गई एयरस्ट्राइक का खौफ अभी भी पाकिस्तान में दिखाई पड़ता है. भारतीय सेना के एक्शन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव के कारण पाकिस्तान ने PoK में चल रहे आतंकी अड्डों को बंद करना शुरू कर दिया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने 11 से अधिक आतंकी अड्डों को बंद कर दिया है.

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान से एक्शन लेने की मांग कर रहा था. जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी अड्डे PoK के मुजफ्फराबाद में पांच और कोटली में 5 और एक बरनाला में मौजूद थे.

बता दें कि पाकिस्तान के इस एक्शन को ना सिर्फ भारत के डर से जोड़ा जा रहा है बल्कि कुछ ही दिनों बाद होने वाली पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के बैठक से भी जोड़ा जा रहा है. अगले एक हफ्ते में FATF की बैठक होनी है, इससे पहले पाकिस्तान आतंकी संगठनों पर कार्रवाई का ढोंग कर रहा है. ये संगठन पहले ही पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल चुका है.

जिन आतंकी कैंपों को बंद किया गया है, उनमें कोटली और निकियाल क्षेत्र में चलने वाले कैंप लश्कर ए तैयबा के थे, जो भारत के सुंदरबनी और राजौरी क्षेत्र के सामने हैं. वहीं बाघ और पाला क्षेत्र में जैश ए मोहम्मद के आतंकी कैंप थे तो वहीं कोटली में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का आतंकी कैंप था.

इतना ही नहीं, इंटेलिजेंस रिपोर्ट की मानें तो मुजफ्फराबाद-मीरपुर के अड्डों को भी बंद कर दिया गया है. जो कि लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन द्वारा संचालित थे.

आपको बता दें कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारत की ओर से लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा रहा था. ये सभी आतंकी अड्डे LoC के पास मौजूद थे. गौरतलब है कि भारतीय सेना की लगातार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की हालत खस्ता थी, यही कारण था कि उनकी तरफ से पाकिस्तान ने भारतीय सेना से बॉर्डर पर फायरिंग रोकने की अपील की थी.