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रेलवे में बहाल किये जाएंगे शंटिंग मास्टर

चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों को झंडी दिखाने के लिए विभागीय बहाली होगी. इससे परिचालन विभाग में पांच वर्षों से नियुक्त चतुर्थवर्गीय रेलकर्मी को शंटिंग मास्टर बनने का अवसर मिलेगा. यार्ड से ट्रेनों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म या मेन लाइन पर लाना शंटिंग मास्टर की जिम्मेदारी होती है. इच्छुक रेलकर्मियों से चक्रधरपुर मंडल कार्मिक विभाग ने 27 जून तक आवेदन मांगा है. चक्रधरपुर मंडल स्तर में 14 शंटिंग मास्टर की जरूरत है. इससे रेल प्रशासन टाटानगर एवं राउरकेला के रिक्त पद को भरेगा. मैट्रिक पास रेलकर्मियों को शंटिंग मास्टर पद बनने के लिए परीक्षा देनी होगी. पास होने पर ही शंटिग मास्टर पद पर प्रमोशन होगा. सुविधा में विस्तार: शंटिंग मास्टर बनने से रेलकर्मियों का वेतन और विभागीय सुविधा बढ़ जाएगी. इसका कारण है कि शंटिंग मास्टर का पद सहायक स्टेशन मास्टर के समकक्ष होता है. बहाली में एससी के तीन, एसटी के एक और अनारक्षित के लिए 10 पद सुरक्षित हैं. सुरक्षित ट्रेन परिचालन की योजना: रेलवे में सुरक्षित ट्रेन परिचालन की योजना से शंटिंग मास्टर पद पर बहाली की योजना बनी है. टाटानगर स्टेशन की हर सेफ्टी मीटिंग में ट्रेन शंटिग के दौरान सतर्कता बरतने का सुझाव अधिकारी कर्मचारियों को देते हैं, क्योंकि शंटिंग के दौरान कई बार यार्ड की लाइन पर कोचिंग ट्रेन बेपटरी हो चुकी हैं.