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विपक्ष की बैठक रद्द, ‘एक देश-एक चुनाव’ की बैठक मे

देश में पिछले काफी समय से एक साथ विधानसभा और लोकसभा चुनाव कराने को लेकर चर्चा छिड़ी है. इसी बहस को आगे बढ़ाने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है. इस बैठक में राष्ट्रीय पार्टियों, क्षेत्रीय पार्टियों के अध्यक्ष को शामिल होना है. ये बैठक बुधवार दोपहर 3 बजे संसद भवन की लाइब्रेरी में होगी.इससे पहले विपक्षी रुख तय करने के लिए कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने इसपर साझा बैठक बुलाई थी, लेकिन वह रद्द हो गई है. हालांकि, NCP प्रमुख शरद पवार ने बयान दिया है कि वह प्रधानमंत्री के द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है. इस बैठक में पीएम के अलावा गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, संसदीय कार्यमंत्री शामिल होंगे. जिसमें एक देश एक चुनाव को लेकर बैठक के एजेंडे पर बात होगी.

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बैठक में आने से इनकार कर दिया है.

कांग्रेस करेगी विरोध!

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस एक देश एक चुनाव का पुरजोर विरोध कर सकती है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि आज आप एक देश एक चुनाव की बात करेंगे, कल एक देश एक धर्म की बात होगी, फिर एक देश एक पहनावे की बात होगी.

UPA चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने करीब 10 विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात की. इस मुलाकात में सोनिया गांधी ने सभी लोगों से हालचाल जाना और यह तय किया कि कल एक बार फिर बैठक होगी और उसमें तय होगा कि वन नेशन वन इलेक्शन पर जो प्रधानमंत्री ने बैठक बुलाई है उसमें पार्टी के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि जाएंगे या नहीं जाएंगे. सभी पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि वन नेशन वन इलेक्शन संभव नहीं है और यह ठीक भी नहीं है.

PM मोदी ने बुलाया है…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान ‘एक देश-एक चुनाव’ का मुद्दा जोरशोर से उठाया था. अब प्रधानमंत्री ने इसी पर एक कदम आगे बढ़ाते हुए, सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख और राज्यों के मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया है. हालांकि, विपक्ष इस बैठक में शामिल होने के एकमत नहीं है. ममता बनर्जी ने आने से इनकार कर दिया है, चंद्रबाबू नायडू भी नहीं आएंगे. इसके अलावा राहुल गांधी के आने पर सस्पेंस बना हुआ है.

विरोध कर सकती हैं विपक्षी पार्टियां…

वन नेशन, वन पोल को लेकर विपक्षी दल अभी राय साफ नहीं कर पाए हैं. सूत्रों की मानें तो कई विपक्षी दल इस प्रस्ताव का विरोध कर सकते हैं. जिस भी पार्टी का राज्यसभा या लोकसभा में सदस्य है, उसे आमंत्रण भेजा गया है. कांग्रेस आज सुबह इस बैठक को लेकर एक मीटिंग करेगी, जिसमें इसमें शामिल होने पर फैसला होगा तो वहीं एजेंडे पर बात होगी.

खास बात है कि आज ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का जन्मदिन भी है. ऐसे में उनके आने या ना आने पर भी हर किसी की नजर होगी. वहीं अगर ममता बनर्जी की बात करें तो उन्होंने ये कहकर बैठक में आने से इनकार कर दिया था कि इसको लेकर पहले सरकार को श्वेतपत्र लाना चाहिए, कानूनी जानकारों से बात करनी चाहिए और किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.

अगर गैर एनडीए दल की बात करें तो जगनमोहन रेड्डी, नवीन पटनायक, केसीआर की तरफ से उनके बेटे केटीआर और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी बैठक में शामिल होंगे. अरविंद केजरीवाल की जगह इस बैठक में राघव चड्डा शामिल होंगे.

‘एक देश, एक चुनाव’ को मायावती ने बताया छलावा

बैठक में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती शामिल नहीं होंगी. मायावती ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है. ईवीएम पर बैठक होती तो मैं जरूर शामिल होती.

मायावती ने ट्विटर पर लिखा, ‘किसी भी लोकतांत्रिक देश में चुनाव कभी कोई समस्या नहीं हो सकती है और न ही चुनाव को कभी धन के व्यय-अपव्यय से तौलना उचित है. देश में ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात वास्तव में गरीबी, महंगाई, बेरोजबारी, बढ़ती हिंसा जैसी ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्याओं से ध्यान बांटने का प्रयास व छलावा मात्र है.’

एजेंडे में और क्या होगा

इस बैठक में वन नेशन वन पोल के अलावा भी कई मुद्दों पर बात होगी. 2022 में भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरा कर लेगा, इसे मोदी सरकार बड़े रूप में मनाना चाहती है, जिस पर सभी दलों से बात हो सकती है. साथ ही महात्मा गांधी की 150वीं जयंती का जश्न और सदन में कामकाज के सुचारू रूप से चलने को लेकर बैठक में प्रधानमंत्री बात करेंगे.