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शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं प्रखर समाजसेवी के तौर पर एक विशिष्ट पहचान बनाने वाले व्यक्तित्व थे स्व. खेमचंद चौधरी

जमशेदपुर कहने को तो लौहनगरी के नाम से विख्यात है मगर यहाँ के लोग अपने ज़िंदादिली के लिए भी जाने जाते है. आज हम उस व्यक्तित्व की बात कर रहे है जिन्होने अपने जीवनकाल को समाजसेवा के लिए समर्पित कर दिया था. हम बात कर रहे है शहर के प्रमुख व्यवसाइयों में से एक स्व खेम चंद चौधरी जी का. उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य अनुकरणीय है

कहते हैं न कि एक गौरवशाली और नेकदिल कुल के वंश अपने ही कुल के नक्शे कदम पर चलते हैं और उनके अधूरे सपनों और कार्यों को पूरा करते हैं इस पूरे कथन को सही साबित करते हैं स्व लक्ष्मी नारायण चौधरी और उनके वंशज. आज भी उनके परिवार के लोग शहर मे विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओ के माध्यम से सामाजिक सेवा के माध्यम से नारायण सेवा मे लगे हुए है.

शहर के प्रमुख व्यवसाइयों में से एक स्व खेम चंद चौधरी अपने पिता स्व लक्ष्मी नारायण चौधरी के ही नक्शे कदम पर चले थे.उनके पिता स्व लक्ष्मी नारायण चौधरी भी सामाज सेवा के क्षेत्र में कई कार्य किये जिनमें टाटानगर गौशाला का प्रमुख प्रवेश द्वार के साथ भवन के दोंनो ओर कुल 12 दुकानें, मुख्य द्वार के ऊपर एक सभा भवन और बाहरी द्वार पर भगवान कृष्ण जी की मूर्ति प्रमुख हैं.

अपने पूज्य बापूजी के पद चिन्हों पर चलते हुए श्री खेम चंद चौधरी ने भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं जिसमें:-

1)श्री श्री मनकामेश्वर मन्दिर एवं धर्मशाला, मानगो
2)लक्ष्मी नारायण चौधरी धर्मशाला, गोलमुरी
3)आरक्षी सहायता केंद्र, साकची
4)राजस्थान सरकार को समर्पित लक्ष्मी नारायण चौधरी धर्मशाला, मनोहरपुर,राजस्थान जो वर्तमान समय में एक अस्पताल के रूप में विकसित हो चुका है.
इसके अलावा भी बहुत से ऐसे सामाजिक आयोजन और धार्मिक अनुष्ठान में उनकी योगदान अतुलनीय एवमं सराहनीय है.