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172 अतिक्रमण व 696 पोल अटका रहे एनएच 33 के निर्माण में रोड़ा

एनएच 33 के चौड़ीकरण में डिमना रोड से पारडीह चौक तक 172 अतिक्रमण रोड़ा अटका रहे हैं. एनएचएआइ ने इन अतिक्रमणों की सूची जिला प्रशासन और मानगो अक्षेस को सौंप दी है. इसके बाद भी मानगो अक्षेस ने अब तक अतिक्रमण हटाने की कोई पहल नहीं की है. इसके चलते एनएच 33 के चौड़ीकरण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है.

एनएच 33 को 45 मीटर चौड़ा करना है. इसी चौड़ाई के अंदर दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े नाले बनेंगे. इनके निर्माण के लिए 172 अतिक्रमण हटाने होंगे. इनमें से ज्यादातर झोपड़ी नुमा दुकानें एनएच 33 की जद में आ रही हैं. कुछ लोगों ने अपनी दुकानों को आगे बढ़ा कर पक्का निर्माण भी कर लिया है. तकरीबन 25 दुकानें ऐसी हैं जिनका आगे का पक्का हिस्सा भी तोडऩा होगा.

एनएच 33 पर ज्यादातर गैराज हैं. इनके कबाड़ जैसे सामान आगे बिखरे पड़े हुए हैं. इन सारे अतिक्रमण के चलते एनएच 33 की जेसीबी आगे नहीं बढ़ पा रही है. एनएचएआइ के अधिकारियों ने अतिक्रमण का सर्वे कर इसकी सूची मानगो अक्षेस के विशेष अधिकारी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को दी थी लेकिन, अभी तक उनकी तरफ से अतिक्रमण हटाने की पहल नहीं हुई है.

समतलीकरण के दौरान कटी पाइपलाइन

एनएच 33 के समतलीकरण के दौरान ठेकेदार की जेसीबी से मानगो जलापूर्ति योजना की पाइपलाइन कट गई. पाइपलाइन कटने से पानी बहने लगा. इसकी सूचना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को दी गई तो काफी देर के बाद उन्होंने जलापूर्ति बंद की. बाद में इसकी मरम्मत की गई.